देशभर में LPG हड़ताल: MP में भी गैस सिलेंडर की डिलीवरी ठप, संकट गहराया — जानें कब खत्म होगी दिक्कत
भोपाल। रसोई गैस (LPG) पर निर्भर करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए आज का दिन मुश्किलों भरा साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में LPG गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है, जिसके चलते रसोई गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह रुक गई है।
ऑल इंडिया LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी आर्थिक मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक गैस संकट गहराने की आशंका है।

देशव्यापी LPG हड़ताल शुरू। गैस सिलेंडर डिलीवरी बंद। वितरकों की मांगें, असर और सरकार की तैयारी जानें। MP, दिल्ली, UP समेत पूरे भारत में LPG संकट गहराया।
हड़ताल क्यों? वितरकों की क्या मांगें हैं?
LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स ने लंबे समय से बढ़ती लागत का मुद्दा उठाया है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1️⃣ कमीशन बढ़ाने की मांग
- अभी प्रति सिलेंडर वितरकों को ₹35–₹75 तक कमीशन मिलता है।
- बढ़ी हुई लागत को देखते हुए वे इसे बढ़ाकर ₹110–₹150 प्रति सिलेंडर करने की मांग कर रहे हैं।
2️⃣ बढ़ती परिचालन लागत
- डीज़ल महंगा
- कर्मचारियों का वेतन बढ़ा
- वाहन मेंटेनेंस महंगा
इसके बावजूद कमीशन में कोई खास वृद्धि नहीं हुई।
3️⃣ IIM अहमदाबाद की रिपोर्ट का हवाला
डिस्ट्रीब्यूटर्स का कहना है कि IIM अहमदाबाद (डीनोवा कमेटी) ने 2022 में ही
₹120 प्रति सिलेंडर कमीशन की सिफारिश कर दी थी,
लेकिन सरकार ने इसे लागू नहीं किया।
हड़ताल का असर: क्या होगा उपभोक्ताओं पर प्रभाव?
देशभर में हड़ताल के चलते लोगों को निम्न संकटों का सामना करना पड़ सकता है—
1️⃣ सिलेंडर डिलीवरी पूरी तरह बंद
- कोई नया ऑर्डर स्वीकार नहीं किया जा रहा
- घर-घर डिलीवरी रोक दी गई है
2️⃣ उज्ज्वला योजना पर बड़ा प्रभाव
ग्रामीण और गरीब परिवार, जिनके पास रसोई गैस का दूसरा विकल्प नहीं होता, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
3️⃣ रसोई का काम ठप होने की आशंका
यदि हड़ताल लंबी चलती है, तो कई परिवारों को पुराने सिलेंडर में ही काम चलाना पड़ेगा।
4️⃣ गैस एजेंसियों पर भीड़भाड़
हड़ताल के ऐलान के बाद कई जगह उपभोक्ता अतिरिक्त सिलेंडर लेने पहुंच गए, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बनी।
वितरकों की अन्य बड़ी शिकायतें
1️⃣ ‘अनचाहा स्टॉक’ भरने का दबाव
डिस्ट्रीब्यूटर्स का आरोप है कि कंपनियां उन पर कमर्शियल सिलेंडर जबरन रखने के लिए दबाव डालती हैं।
2️⃣ उज्ज्वला सिलेंडर की सब्सिडी में देरी
उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी समय से नहीं मिलती, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ जाता है।
सरकार का क्या रुख? (What next?)
सरकारी स्रोतों के मुताबिक—
- पेट्रोलियम मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
- जल्द ही तेल कंपनियों और LPG फेडरेशन के बीच बैठक हो सकती है।
- सरकार की कोशिश रहेगी कि आम लोगों पर संकट न बढ़े।
हालांकि अभी तक कोई लिखित समाधान या आश्वासन नहीं दिया गया है।
वितरकों का साफ कहना है कि हड़ताल तभी खत्म होगी जब—
✅ कमीशन बढ़ाया जाएगा
✅ ऑपरेटिंग लागत तय की जाएगी
✅ उज्ज्वला भुगतान समय पर दिया जाएगा
लोग अभी क्या करें? (Consumer Advisory)
- घबराहट में सिलेंडर बुक न करें
- खाली सिलेंडर को जल्द भरवाने की कोशिश न करें
- गैस का इस्तेमाल समझदारी से करें
- गैस एजेंसी पर भीड़ से बचें
यदि हड़ताल 2–3 दिन से ज्यादा चलती है, तो गृहिणियों और होटलों को सबसे अधिक दिक्कत होगी।
निष्कर्ष
LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स की ये हड़ताल सिर्फ वितरकों की आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि उन करोड़ों भारतीय परिवारों की चिंता भी है जो दैनिक जीवन में रसोई गैस पर निर्भर हैं।
सरकार और वितरकों के बीच जल्द समझौता होना जरूरी है, वरना आने वाले दिनों में ‘LPG क्राइसिस’ और गहरा सकता है।
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