सरदार पटेल का सपना, मोदी का मिशन: एक भारत, श्रेष्ठ भारत की दिशा में नया अध्याय
नई दिल्ली / केवड़िया National Unity Day 2025 News:
देश के पहले उपप्रधानमंत्री और “लौह पुरुष” सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विज़न को नई ऊर्जा देने का संकल्प दोहराया है।
पटेल ने आज़ादी के बाद भारत को एक किया, और मोदी उसी एकता को “श्रेष्ठ भारत” के रूप में सशक्त बना रहे हैं।
गुजरात के केवड़िया में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह (Rashtriya Ekta Diwas 2025) का आयोजन देशभर का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

सरदार पटेल: भारत की एकता के शिल्पकार
1947 में आज़ादी के बाद भारत 560 से अधिक रियासतों में बंटा हुआ था।
हर रियासत का अपना शासन, सेना और झंडा था।
लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी राजनीतिक कुशलता और दृढ़ इच्छाशक्ति से इन सबको भारतीय संघ में मिला दिया।
इसीलिए उन्हें आज भी “भारत का लौह पुरुष” (Iron Man of India) कहा जाता है।
“हमारा धर्म पहले भारतीय बनना है।” — सरदार वल्लभभाई पटेल
पटेल का यह विचार आज भी भारत की एकता का सबसे मजबूत आधार है।
प्रधानमंत्री मोदी: पटेल के सपने को आगे बढ़ाते नेता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल के आदर्शों को आधुनिक भारत के विज़न से जोड़ा है।
🔸 ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का मंत्र
मोदी ने पटेल के एकता के विचार को आगे बढ़ाते हुए इसे विकास, नवाचार और समृद्धि से जोड़ा।
उनका उद्देश्य है कि भारत न सिर्फ एकजुट रहे, बल्कि विश्वगुरु भारत (Viksit Bharat 2047) के रूप में उभरे।
🔸 स्टैच्यू ऑफ यूनिटी — एकता का प्रतीक
दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा — Statue of Unity (182 मीटर) — गुजरात के केवड़िया में स्थित है।
यह केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि भारत की अखंडता, गर्व और संकल्प का प्रतीक है।
यहां हर साल लाखों लोग सरदार पटेल को नमन करने पहुँचते हैं।
🔸 राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)
हर साल 31 अक्टूबर को पटेल की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है।
देशभर में “रन फॉर यूनिटी”, एकता प्रतिज्ञा, और सांस्कृतिक परेड्स आयोजित होती हैं।
यह दिन युवाओं को भारत की एकता और विविधता की शक्ति की याद दिलाता है।
राष्ट्रीय एकता दिवस 2025: भव्य आयोजन की झलक
इस बार के Ekta Diwas 2025 में विशेष आकर्षण होगा, क्योंकि यह सरदार पटेल की 150वीं जयंती है।
- प्रधानमंत्री मोदी केवड़िया में भव्य समारोह में शामिल होंगे।
- BSF, CRPF, ITBP जैसी बलों की शानदार परेड आयोजित होगी।
- वीरता पुरस्कार से सम्मानित जवानों का सम्मान किया जाएगा।
- 900 कलाकारों द्वारा “अनेकता में एकता” थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी।
- ₹1,140 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास होगा।
- स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में “Patel Unity Pavilion” का शुभारंभ होगा।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की दिशा में आगे बढ़ता भारत
सरदार पटेल ने जहां भारत की भौगोलिक एकता सुनिश्चित की, वहीं प्रधानमंत्री मोदी उसे विकास, तकनीक और नवाचार की एकता से जोड़ रहे हैं।
डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के जरिए भारत अपनी एकजुट ताकत को नए शिखर पर पहुँचा रहा है।
निष्कर्ष
सरदार पटेल का सपना और मोदी का मिशन — दोनों का लक्ष्य एक ही है: “एक भारत, श्रेष्ठ भारत।”
राष्ट्रीय एकता दिवस हमें याद दिलाता है कि हमारी असली ताकत हमारी विविधता में है।
जब भारत एक साथ चलता है, तभी वह विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) की ओर अग्रसर होता है।