MP COUGH SYRUP KILLS 22 CHILDREN
छिंदवाड़ा कफ सिरप हादसे में 22 मासूमों की मौत के मामले में डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी गिरफ्तार। जानें पूरा मामला और जांच की स्थिति।
ज़हरीले कफ सिरप से 22 बच्चों की मौत: डॉक्टर की पत्नी ज्योति सोनी गिरफ्तार, SIT ने बड़ा खुलासा |MP COUGH SYRUP KILLS 22 CHILDREN
छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में ज़हरीले कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ (Coldref Cold Syrup) से हुई 22 मासूम बच्चों की मौत के मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज मामले में अब मुख्य आरोपी डॉक्टर प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी को भी सोमवार को विशेष जांच दल (SIT) द्वारा परासिया से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर अपराध में सहयोग, सबूत छुपाने और गलत जानकारी देकर जांच को गुमराह करने का आरोप है।
यह मामला छिंदवाड़ा जिले से सामने आया था, जहां बच्चों को खांसी की दवा देने के बाद उनकी तबियत तेजी से बिगड़ने लगी।
जांच में पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में जहरीला केमिकल ‘डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol – DEG)’ मिला हुआ था। यह केमिकल किडनी फेल कर देता है और शरीर में ज़हर फैलाता है।
यही वजह थी कि दवा लेने के बाद कई बच्चे गंभीर रूप से बीमार पड़े और अंततः 22 मासूम अपनी जान गंवा बैठे।
ज्योति सोनी की भूमिका क्या थी?
जानकारी के अनुसार, ज्योति सोनी परासिया में मेडिकल स्टोर चलाती थी।
SIT के अनुसार, वह:
- जहरीले सिरप के स्टॉक को हटाने
- रिकॉर्ड बदलने
- और डॉक्टर प्रवीण सोनी को बचाने के लिए जानकारी छिपाने
की कोशिश कर रही थी।
इस काम में उसके साथ फार्मासिस्ट सौरभ जैन और न्यू अपना फार्मा के संचालक राजेश सोनी भी शामिल थे।
ये दोनों आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
DSP जितेंद्र जाट के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए:
- ज्योति बेंगलुरु
- और वाराणसी (बनारस)
में छिपी रही।
इस दौरान उसने जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी लगाई, लेकिन राहत नहीं मिली।
SIT को लोकेशन की सूचना मिलने पर टीम ने परासिया में कार्रवाई की और उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अब तक हुए प्रमुख गिरफ्तारियाँ
| आरोपी का नाम | पद / भूमिका | गिरफ्तारी तिथि |
|---|---|---|
| डॉ. प्रवीण सोनी | मुख्य आरोपी (बच्चों को सिरप लिखने वाला डॉक्टर) | 6 अक्टूबर |
| सौरभ जैन | फार्मासिस्ट | 14 अक्टूबर |
| राजेश सोनी | मेडिकल स्टोर संचालक | 14 अक्टूबर |
| के. माहेश्वरी | श्रीसन फार्मा की केमिकल एनालिस्ट | 18 अक्टूबर |
| जी. रंगनाथन | श्रीसन फार्मा के मालिक | 20 अक्टूबर |
| सतीश वर्मा | कंपनी का मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) | 27 अक्टूबर |
अब ज्योति सोनी भी इस सूची में शामिल हो चुकी है।
SIT अब पूछताछ में यह जानने की कोशिश करेगी कि:
- फरारी के दौरान किसने मदद की?
- सिरप की सप्लाई चैन में किसको-किसको कमीशन मिलता था?
- कौन-कौन सबूत नष्ट करने में शामिल था?
- जहरीला सिरप बाजार में कैसे पहुंचा और किस स्तर पर लापरवाही हुई?
यह जांच राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दवा गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना देश में:
- फार्मा कंपनियों के उत्पादन निगरानी
- मेडिकल स्टोर्स की लाइसेंसिंग प्रक्रिया
- और सरकारी दवा नियंत्रण प्रणाली
की गंभीर खामियों को उजागर करती है।
मासूमों की मौत ने पूरे प्रदेश ही नहीं, पूरे देश को झकझोर दिया है। लोग मांग कर रहे हैं कि:
“बच्चों की जान से खेलने वालों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।”