मंदसौर पुलिस का बड़ा खुलासा: YouTube देखकर चल रहा था नकली नोटों का कारोबार, मास्टरमाइंड सहित 6 गिरफ्तार
Mandsor youtube ko dekh kr chaape nakli note
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मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस ने नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़ किया। YouTube देखकर नकली नोट बनाने वाले मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह सहित 6 लोग गिरफ्तार। पुलिस ने पटियाला में मिनी फैक्ट्री सील की और बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए।
मंदसौर पुलिस का बड़ा खुलासा: YouTube देखकर चल रहा था नकली नोटों का गंदा खेल
मध्य प्रदेश का मंदसौर जिला एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार वजह है नकली करेंसी का एक ऐसा अंतरराज्यीय गिरोह, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गैंग YouTube वीडियो देखकर नकली नोट बनाना सीख रहा था और फिर इन्हें मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में सप्लाई करता था। मंदसौर पुलिस ने इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ऐसे पकड़ा गया गिरोह – एक छोटी सी गलती पड़ी भारी
घटना 27 अक्टूबर की है। मंदसौर के एमआईटी चौराहे पर पुलिस ने रूटीन चेकिंग के दौरान तीन संदिग्धों को रोका। इनकी तलाशी में ₹500 के 76 नकली नोट बरामद हुए। शुरुआत में आरोपी घबराए और गलत जानकारी देने की कोशिश करते रहे, लेकिन सख्ती से पूछताछ की गई तो पूरा नेटवर्क सामने आ गया।
पूछताछ ने पुलिस को सीधे हरियाणा और पंजाब तक पहुंचा दिया। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम को पंजाब भेजा गया।
पटियाला में मिली नकली नोटों की मिनी फैक्ट्री
पुलिस ने पटियाला के सनौर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड गुरजीत सिंह को उसके घर से गिरफ्तार किया। उसके घर में नकली नोट बनाने का पूरा सामान एक छोटे प्रिंटिंग प्रेस की तरह सेट था। बरामद सामान में शामिल है:
| बरामद वस्तु | संख्या / मूल्य |
|---|---|
| ₹500 के नकली नोट | 640 |
| ₹200 के नकली नोट | 472 |
| ₹100 के नकली नोट | 12 |
| कलर प्रिंटर, स्कैनर, कंप्यूटर सिस्टम | 1 सेट |
| स्पेशल ग्लॉसी पन्नी और स्टीकर शीट | बड़ी मात्रा में |
पूछताछ में गुरजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि:
“मैंने नकली नोट बनाना YouTube ट्यूटोरियल देखकर सीखा। फोटोशॉप में नोट को स्कैन कर एडिट करता था और प्रिंटर से प्रिंट निकालकर उन पर खास चमकीली शीट लगा देता था ताकि नोट असली जैसा दिखे।”
यह डिजिटल युग में साइबर लर्निंग क्राइम का बेहद खतरनाक उदाहरण है, जहां अपराधी फ्री ऑनलाइन कंटेंट से भी गंभीर अपराध सीख सकते हैं।

4 राज्यों में फैला था सप्लाई नेटवर्क
यह गिरोह कई राज्यों में नकली नोटों की सप्लाई चेन बनाकर काम कर रहा था:
- मध्य प्रदेश
- राजस्थान
- हरियाणा
- पंजाब
गुरजीत सिंह पहले भी नकली करेंसी के मामलों में राजस्थान और हरियाणा में गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आकर वह फिर से गिरोह सक्रिय कर लेता था।
बरामद संपत्ति और रकम
| जब्ती | मूल्य/विवरण |
|---|---|
| नकली नोट | ₹4 लाख से अधिक |
| वेरना कार | ₹10 लाख |
| मोबाइल फोन | 6 स्मार्टफोन |
| नकली नोट बनाने की सामग्री | ₹1 लाख की कीमत |
गिरफ्तार किए गए आरोपी
| नाम | राज्य / क्षेत्र | भूमिका |
|---|---|---|
| गुरजीत सिंह | पटियाला (पंजाब) | मास्टरमाइंड |
| संदीप सिंह | हरियाणा | सप्लायर |
| दीपक गर्ग | राजस्थान | नेटवर्क लिंक |
| प्रिंस अहलावत | हरियाणा | डिस्ट्रिब्यूटर |
| रियाज नियारगर | मंदसौर | लोकल कनेक्टर |
| निसार हुसैन पटेल | मंदसौर | नकली नोट चलाने वाला |
मंदसौर पुलिस की इस कार्रवाई को नकली करेंसी के कारोबार पर बड़ा प्रहार बताया जा रहा है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और खरीद-बिक्री की चैन की जांच कर रही है। साथ ही जब्त नकली नोटों की गुणवत्ता की जांच RBI और FSL (Forensic Lab) को भेजी गई है।