खरगोन में 7वीं की छात्रा ने छात्रावास में की आत्महत्या, प्रशासन ने दिए काउंसलिंग सिस्टम मजबूत करने के आदेश
Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गोगांवा क्षेत्र स्थित एक कन्या आदिवासी छात्रावास में कक्षा 7 में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने अपने कमरे की खिड़की की ग्रिल में दुपट्टे का फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
खरगोन छात्रा आत्महत्या : 7वीं की छात्रा ने छात्रावास में की आत्महत्या
घटना कैसे हुई?
छात्रावास प्रशासन और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार:
- छात्रा दिवाली की छुट्टी के बाद रविवार को ही हॉस्टल लौटी थी।
- मंगलवार सुबह वह अन्य छात्राओं के साथ नाश्ता करने के बाद अपने कमरे में चली गई।
- दोपहर तक जब वह बाहर नहीं निकली, तो छात्रावास अधीक्षिका को संदेह हुआ।
- दरवाजा तोड़कर अंदर देखा गया तो छात्रा फंदे से लटकी मिली।
यह कमरा 6 छात्राओं के लिए था, पर घटना के समय तीन छुट्टी पर थीं और दो दूसरी जगह गई हुई थीं। इस वजह से किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?
पुलिस का कहना है कि छात्रा मानसिक अवसाद (Depression) से गुजर रही थी।
हालांकि, उसके परिवार और सहपाठियों से पूछताछ के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा।
कलेक्टर ने दिए महत्वपूर्ण आदेश
घटना के बाद जिला कलेक्टर ने दो बड़े निर्णय लिए:
- मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
- जिले के सभी छात्रावासों में काउंसलिंग सिस्टम शुरू किया जाएगा, ताकि बच्चों को मानसिक एवं भावनात्मक सहारा मिल सके।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
खरगोन छात्रा आत्महत्या : 7वीं की छात्रा ने छात्रावास में की आत्महत्या से खरगोन में तनाव का माहौल है
मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि:
- छात्रावासों में बच्चों के लिए भावनात्मक सहारा और संवाद कितना महत्वपूर्ण है।
- पढ़ाई का दबाव, घर से दूर रहना, अकेलापन — ये सभी कारण बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
