झाबुआ में दिल दहला देने वाली घटना: चरित्र पर शक में पति ने Wife की नाक ब्लेड से काटी, गिरफ्तार |
मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के पाड़लवा गांव में चरित्र पर शक के चलते एक पति ने पत्नी की नाक ब्लेड से काट दी। महिला गंभीर रूप से घायल, आरोपी गिरफ्तार। घरेलू हिंसा पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला।

झाबुआ कांड: चरित्र पर शक में पति ने ब्लेड से काट दी पत्नी की नाक, महिला की हालत गंभीर
झाबुआ, मध्य प्रदेश। घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा और समाज में बढ़ती क्रूरता को दिखाती एक दिल दहला देने वाली घटना झाबुआ जिले में सामने आई है। रानापुर थाना क्षेत्र के पाड़लवा गांव में एक 23 वर्षीय पति ने अपनी पत्नी पर चरित्र पर शक करते हुए इतना खौफनाक हमला किया कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। आरोपी ने ब्लेड से पत्नी की नाक काट दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। यह मामला ना सिर्फ अपराध की बेरहमी दिखाता है, बल्कि महिला सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाता है।
घटना कैसे हुई? पूरा मामला
पीड़िता 22 वर्षीय गीता बिलवाल अपने पति राकेश बिलवाल और छह साल के बेटे के साथ गुजराती कस्बे संतरामपुर में मजदूरी करती थी। कुछ महीनों से पति-पत्नी के बीच लगातार तनाव चल रहा था। राकेश को यह शक हो गया था कि उसकी पत्नी फैक्ट्री में काम करने वाले एक मजदूर से अधिक बातचीत करती है। यह शक धीरे-धीरे पनपकर शक की बीमारी (Suspicion Paranoia) बन गया।
गुजरात से मध्य प्रदेश लौटते समय दोनों के बीच पूरा रास्ता विवाद चलता रहा। राकेश पत्नी पर अनैतिक संबंधों के आरोप लगाता रहा, जबकि गीता लगातार अपने आप को निर्दोष बताती रही।
शराब के नशे में बर्बर हमला
शाम करीब 4:30 बजे जैसे ही दोनों पाड़लवा गांव पहुंचे, राकेश ने शराब के नशे में गीता पर हमला शुरू कर दिया।
पहले मारपीट
• आरोपी ने पत्नी को डंडे से बेरहमी से पीटा।
फिर ब्लेड से हमला
• इसके बाद उसने अपनी जेब से धारदार ब्लेड निकाली।
• गुस्से में उसने पत्नी की नाक पर वार किया, जिससे उसका अग्रभाग कटकर अलग हो गया।
• हमले में गीता की उंगलियां भी कट गईं।
सबसे दर्दनाक बात यह थी कि यह पूरी घटना उनके 6 साल के बेटे के सामने हुई। बच्चा जोर-जोर से रोता रहा लेकिन पिता का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था।
हमले के बाद आरोपी का बदलता रवैया
हमला करने के बाद राकेश को जैसे अचानक अपनी गलती का एहसास हुआ।
• वह तुरंत गीता को मोटरसाइकिल पर बैठाकर रानापुर अस्पताल ले गया।
• वहां डॉक्टर्स ने हालत गंभीर बताते हुए उसे झाबुआ जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
• स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि नाक का कट हुआ हिस्सा घटनास्थल पर नहीं मिला। शायद जानवर उठा ले गया हो।
इस वजह से अब प्लास्टिक सर्जरी (Reconstructive Surgery) करना बेहद मुश्किल हो गया है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई।
✔ FIR दर्ज
गीता के बयान पर राकेश के खिलाफ निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया—
• धारा 307 – हत्या का प्रयास
• धारा 324 – खतरनाक हथियार से हमला
• धारा 506 – जान से मारने की धमकी
✔ आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने तुरंत राकेश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
✔ कबूला जुर्म
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह “पत्नी को सबक सिखाना चाहता था।”
महिला संगठनों ने जताई नाराजगी
कई महिला संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता इस घटना की निंदा कर रहे हैं।
वे कह रहे हैं कि—
• राज्य में घरेलू हिंसा के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
• सरकार को गांवों में जागरूकता अभियान चलाना चाहिए।
• कानून का सख्ती से पालन हो और पीड़िता को मुफ्त इलाज मिले।
गंभीर सवाल – कब रुकेगी ऐसी हैवानियत?
झाबुआ की यह घटना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज में बढ़ रहे टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी, शक की बीमारी, और महिला दमन की मानसिकता का परिणाम है।
गीता आज गंभीर रूप से घायल है, उसका चेहरा बदल गया है, उसका मानसिक संतुलन टूट चुका है।
क्या वह सामान्य जिंदगी में लौट पाएगी?
क्या उसका मासूम बच्चा यह भयावह घटना भूल पाएगा?
क्या हमारे समाज में महिलाओं की सुरक्षा केवल कागजों में सीमित रह गई है?
इन सवालों का जवाब केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज के जागरूक होने से मिलेगा।
निष्कर्ष (Conclusion)
झाबुआ का यह मामला सभी के लिए चेतावनी है। घरेलू हिंसा न केवल एक अपराध है, बल्कि मानवता के खिलाफ क्रूरता है। आवश्यकता इस बात की है कि—
• महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए,
• ऐसे अपराधियों को कड़ी सज़ा दी जाए,
• और समाज में सम्मान, विश्वास और समानता की सोच विकसित की जाए।