दीपावली का झगड़ा बना जानलेवा दुश्मनी |indore ladke ko maara chaku diwali fight
इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में देवउठनी ग्यारस की रात 17 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना दीपावली पर हुए पुराने झगड़े की रंजिश का नतीजा मानी जा रही है। घटना के बाद इलाके में पथराव और दहशत फैल गई। पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को किया गिरफ्तार।
इंदौर, मध्य प्रदेश। त्योहारों के बीच खुशियों के माहौल में अचानक से फैली खामोशी और दहशत ने शहर को झकझोर कर रख दिया। देवउठनी ग्यारस की रात इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय किशोर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि यह हत्या दीपावली के दौरान हुए एक विवाद का बदला थी। घटना ने पूरे इलाके में तनाव और बवाल को जन्म दे दिया, जहाँ मृतक के परिजन और स्थानीय लोगों ने पथराव किया और तोड़फोड़ भी की। इस घटना ने समाज में बढ़ती नाबालिग हिंसा और गैंग टकराव की समस्या को फिर से चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है।
🔥 दीपावली का झगड़ा बना जानलेवा दुश्मनी
जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की पहचान अमन कुशवाह (17 वर्ष) के रूप में हुई है। दीपावली के दौरान अमन और मोहल्ले के ही दो अन्य नाबालिग युवकों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। झगड़ा इतना बढ़ा कि मारपीट भी हुई। मामले की शिकायत एमआईजी थाने में दर्ज कर दी गई थी।
लेकिन यह झगड़ा खत्म नहीं हुआ, बल्कि यह बदले की भावनाओं में बदल गया।

देवउठनी ग्यारस की रात हुई हत्या
1 नवंबर की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे, अमन नादिया नगर क्षेत्र स्थित एक दुकान के पास खड़ा था। उसी दौरान दीपावली वाले झगड़े में शामिल दो नाबालिग आरोपी वहां पहुंचे।
- आरोपियों ने पहले अमन को घेरा।
- लात-घूंसे मारकर उसे नीचे गिराया।
- इसके बाद चाकू से कई बार हमला किया।
- अमन गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चाकू के वार इतने गहरे थे कि उसकी मौत तत्काल हो गई।
हत्या की खबर फैलते ही उफना गुस्सा
जैसे ही अमन की मौत की खबर इलाके में फैली, माहौल तनावपूर्ण होता चला गया। मृतक के परिवार और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के घरों की ओर कूच किया।
आक्रोश ने लिया हिंसक रूप:
- आरोपियों के घरों पर पथराव किया गया।
- सड़कों पर खड़े वाहनों के कांच तोड़े गए।
- कुछ घरों के बाहर बने ढांचे भी तोड़ दिए गए।
- महिलाएं और बच्चे डर के मारे घरों में छिप गए।
इलाके में कई घंटे तक दहशत बनी रही।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एमआईजी थाना, क्राइम ब्रांच और पुलिस कंट्रोल रूम की टीमें मौके पर पहुंचीं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह और एसीपी हिमानी मिश्रा ने स्थिति को शांत करवाने का प्रयास किया।
पुलिस ने क्या किया:
- दोनों नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
- मृतक की मां की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया।
- पथराव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई।
- इलाके में पुलिस बल और पेट्रोलिंग बढ़ाई गई।
यह घटना सिर्फ एक आपसी झगड़ा नहीं है, बल्कि यह समाज में बढ़ती एक खतरनाक प्रवृत्ति की ओर संकेत करती है —
नाबालिगों में अपराध, गैंगबाजी और बदले की मानसिकता।
सोशल मीडिया क्रेज, समूह में शक्ति का भ्रम, और गुस्से में त्वरित निर्णय —
इन सब कारणों से छोटी कहासुनी भी जानलेवा टकराव का रूप ले रही है।