indore kinner dera forced conversion rape case | MP NEWS TODAY
इंदौर में एक युवती ने किन्नर डेरे के दो भाइयों पर दुष्कर्म और जबरन धर्म परिवर्तन का गंभीर आरोप लगाया। हीरानगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
इंदौर न्यूज (MP NEWS TODAY): मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सामाजिक, धार्मिक और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक युवती ने शहर के एमआर-10 एरिया स्थित किन्नर समुदाय के एक डेरे पर उससे दुष्कर्म, शारीरिक शोषण और जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप लगाए हैं। मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी, और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला कहाँ और कैसे शुरू हुआ?
पीड़ित युवती मूल रूप से देवास जिले के कन्नौद की रहने वाली है और इंदौर में एक निजी कंपनी में काम करती है। पारिवारिक तनाव के दौरान उसकी मुलाकात एक किन्नर सिमरन से हुई, जिसने युवती को बताया कि वह उसकी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए अपने गुरु से मिलवा सकती है।
16 अक्टूबर 2024 को सिमरन उसे एमआर-10 स्थित डेरे पर ले गई, जहाँ युवती की मुलाकात राजा हाशमी नाम के व्यक्ति से करवाई गई।
आरोप: नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म
युवती के अनुसार, कुछ दिनों बाद जब वह दोबारा डेरे पर गई, तो राजा ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने दबंगई से कहा:
“यहां मेरा राज चलता है, जो मैं कहूंगा वही होगा।”
दोनों भाइयों पर शोषण का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद राजा ने उसे मजबूरन डेरे पर बुलाना जारी रखा और एक बार उसने उसे अपने भाई समीर हाशमी से मिलवाया, जिसके बाद दोनों भाइयों ने मिलकर उसके साथ शारीरिक शोषण किया।
युवती का दावा है कि यह सब करीब 5-6 महीनों तक चलता रहा।
आरोप: जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने और शादी का दबाव
पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उस पर दोनों भाइयों से शादी करने और इसके लिए मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया।
इंकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
डर के कारण युवती अपने गांव लौट गई, जहाँ उसने एक वकील से सलाह लेकर करणी सेना से संपर्क किया और हीरानगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
हीरानगर पुलिस ने राजा हाशमी और समीर हाशमी के खिलाफ:
- दुष्कर्म
- जान से मारने की धमकी
- धर्मांतरण के लिए दबाव डालने
- मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम
की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
- पुलिस कॉल डिटेल्स, लोकेशन, और सीसीटीवी फुटेज की जांच करेगी।
- पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है।
- मामला अब अदालत में जाएगा, जहाँ साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।