भोपाल में फर्जी वकील ने सहारा रिफंड के नाम पर की ठगी, 1.33 लाख लेकर फरार — पुलिस ने की जांच शुरू

भोपाल में फर्जी वकील ने सहारा रिफंड के नाम पर की ठगी, 1.33 लाख लेकर फरार — पुलिस ने की जांच शुरू

भोपाल के शाहजहांनाबाद में एक फर्जी वकील ने सहारा रिफंड का झांसा देकर दंपति से 1.33 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने IPC धारा 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जानिए पूरी कहानी और ऐसे घोटालों से कैसे बचें।

भोपाल में फर्जी वकील ने सहारा रिफंड के नाम पर की ठगी, 1.33 लाख लेकर फरार — पुलिस ने की जांच शुरू
भोपाल में फर्जी वकील ने सहारा रिफंड के नाम पर की ठगी, 1.33 लाख लेकर फरार — पुलिस ने की जांच शुरू

भोपाल: सहारा रिफंड के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है। शाहजहांनाबाद इलाके में रहने वाले एक दंपति को एक शातिर ठग ने सहारा रिफंड दिलाने के नाम पर 1.33 लाख रुपये का चूना लगा दिया। आरोपी ने खुद को “वकील” बताकर भरोसा जीता और रकम ऐंठने के बाद फरार हो गया।

यह मामला न सिर्फ भोपाल बल्कि पूरे देश के उन निवेशकों के लिए चेतावनी है, जो सहारा रिफंड की प्रतीक्षा कर रहे हैं और इस बीच फर्जी कॉल्स या एजेंट्स के झांसे में आ सकते हैं।


घटना का पूरा क्रम

  • स्थान: शाहजहांनाबाद, भोपाल
  • पीड़ित: एक स्थानीय दंपति
  • ठगी की रकम: ₹1,33,000
  • आरोपी: खुद को सहारा रिफंड केस संभालने वाला वकील बताया
  • मामला दर्ज: शाहजहांनाबाद थाने में FIR

पीड़ित दंपति का कहना है कि आरोपी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह “सहारा इंडिया के निवेशकों के रिफंड” के केस में कानूनी सहायता कर रहा है और कोर्ट से उनका पैसा जल्दी दिलवा सकता है। इसके बाद उसने कानूनी फीस, केस डायरी और कागजात शुल्क के नाम पर उनसे रकम वसूली।


फर्जी वकील की ठगी का तरीका

ठग ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से यह अपराध किया।

  1. लक्ष्य तय किया: सहारा निवेशकों को ढूंढा जिनका पैसा अब तक अटका था।
  2. फर्जी पहचान बनाई: खुद को “हाईकोर्ट का वकील” बताया और नकली बार काउंसिल कार्ड दिखाया।
  3. लालच दिया: कहा कि वह अंदरूनी संपर्कों से रिफंड जल्दी दिलवा सकता है।
  4. रकम ऐंठी: “फाइल चार्ज”, “कोर्ट फीस” और “ड्राफ्ट फीस” के नाम पर पैसे लिए।

कुछ दिनों बाद जब पीड़ितों ने केस की डायरी और अपडेट्स मांगे, तो आरोपी ने बहाने बनाना शुरू किया और फिर अचानक गायब हो गया।


पर्दाफाश कैसे हुआ?

पीड़ित दंपति को शक तब हुआ जब उन्होंने आरोपी से सहारा रिफंड पोर्टल की रसीद मांगी। ठग रसीद नहीं दिखा पाया और मोबाइल बंद करके फरार हो गया।

इसके बाद दंपति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शाहजहांनाबाद थाना पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपी के मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है।


सहारा रिफंड की असली प्रक्रिया क्या है?

जनता को ऐसे मामलों से सावधान रहने की जरूरत है। सरकार ने सहारा रिफंड के लिए CRCS Sahara Refund Portal (https://mocrefund.crcs.gov.in) लॉन्च किया है।

जानिए असली प्रक्रिया:

  1. केवल सरकारी वेबसाइट पर आवेदन करें — कोई एजेंट या वकील अधिकृत नहीं है।
  2. कोई फीस नहीं ली जाती — पूरी प्रक्रिया निशुल्क है।
  3. रिफंड सीधे बैंक खाते में आता है, किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती।
  4. OTP वेरिफिकेशन और आधार लिंकिंग जरूरी है।

ऐसी ठगी से कैसे बचें?

विशेषज्ञों और पुलिस की सलाह के मुताबिक —

✅ किसी भी वकील या एजेंट की पहचान Bar Council of India की वेबसाइट पर चेक करें।
✅ कोई भी अग्रिम भुगतान (Advance Fee) न करें।
✅ हमेशा सरकारी वेबसाइट या पोर्टल का ही उपयोग करें।
✅ किसी भी फर्जी कॉल, SMS या ईमेल लिंक पर क्लिक न करें।
✅ संदेहास्पद व्यक्ति की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) या 100 नंबर पर दें।


पुलिस की कार्रवाई

भोपाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने फर्जी आईडी, मोबाइल सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल किया था।

थाना प्रभारी के अनुसार:

“हमने आरोपी के बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स ट्रेस कर लिए हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।”


देशभर में बढ़ रहे Sahara Refund Frauds

सहारा इंडिया के लाखों निवेशक अपने पैसों की वापसी का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच देश के कई हिस्सों — भोपाल, नागपुर, पटना, लखनऊ, और जयपुर — से फर्जी एजेंटों द्वारा ठगी की घटनाएं सामने आई हैं।

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की अधीरता का फायदा उठाकर साइबर ठग और फर्जी लॉ फर्म्स सक्रिय हो गई हैं।


विशेषज्ञों की सलाह

🔹 जल्दबाजी में किसी को पैसे न दें।
🔹 सहारा रिफंड के लिए सिर्फ CRCS Sahara Refund Portal का ही उपयोग करें।
🔹 किसी भी तरह की मदद के नाम पर फीस मांगी जाए तो तुरंत रिपोर्ट करें।
🔹 RBI या SEBI की वेबसाइट पर जारी निर्देशों को समय-समय पर पढ़ें।


निष्कर्ष

भोपाल की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि वित्तीय ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है।
सरकार द्वारा तय की गई आधिकारिक प्रक्रिया के अलावा किसी भी व्यक्ति, एजेंट या वकील को पैसे देना जोखिमभरा हो सकता है।

पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
निवेशकों को चाहिए कि वे सतर्क रहें, और अपने पैसे की सुरक्षा के लिए केवल सत्यापित और सरकारी माध्यमों पर भरोसा करें।


टैग्स:
#BhopalScam #FakeLawyer #SaharaRefundScam #InvestmentFraud #MPNews #CRCSSaharaRefund #FinancialAwareness #CyberCrimeIndia #PoliceAlert #SaharaRefund2025 #FraudPrevention


 

Tags :

Recommended

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2025 News Pick Kit. Developed by Blazethemes