इंदौर में रातों-रात ‘ऑपरेशन क्लीन’! फायर सेफ्टी नियम तोड़ने वाली 10 फैक्ट्रियां और गोदाम सील, कलेक्टर ने दी सख्त चेतावनी
इंदौर में फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत 10 फैक्ट्रियां और गोदाम सील। कलेक्टर ने दी चेतावनी।
इंदौर। हाल ही में इंदौर में हुए बड़े अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर रविवार की देर रात शहरभर में ‘ऑपरेशन क्लीन’ चलाया गया, जिसमें फायर सेफ्टी नॉर्म्स को नजरअंदाज करने वाले 10 से अधिक फैक्ट्रियों, गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मौके पर ही सील कर दिया गया।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि अब प्रशासन अग्नि सुरक्षा नियमों के मामले में किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।

क्यों चला ‘ऑपरेशन क्लीन’?
यह कार्रवाई सामान्य नहीं थी। यह एक दुःखद घटना के बाद उठाया गया सख्त कदम था।
कुछ दिनों पहले केट रोड क्षेत्र के एक गोदाम में भीषण आग लगी जिसमें दो महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गई। जांच में सामने आया कि गोदाम में कोई भी फायर सेफ्टी उपकरण नहीं थे।
इसी हादसे ने प्रशासन को झकझोर दिया और स्पष्ट हो गया कि शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सीधे जानलेवा साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री स्तर से भी निर्देश मिले कि शहर के रसायन, तेल, प्लास्टिक और ज्वलनशील पदार्थ वाले प्रतिष्ठानों की तुरंत जांच की जाए। इसके बाद कलेक्टर ने रात में ही टीमों को फील्ड में उतार दिया।
कैसे चला ऑपरेशन?
इस अभियान में अलग-अलग क्षेत्रों के एसडीएम (SDM) और उनकी टीमें शामिल थीं।
हर टीम ने अपने-अपने क्षेत्र में फैक्ट्रियों, तेल मिल, गोदामों, पेंट फैक्ट्री, प्लास्टिक यूनिट, केमिकल उद्योग और अन्य जोखिमयुक्त स्थलों की जांच की और बिना लाइसेंस, अपर्याप्त फायर सिस्टम, अवैध स्टोरेज पाए जाने पर सील की कार्रवाई की।
राऊ क्षेत्र: ऑयल मिलों पर बड़ी कार्रवाई
एसडीएम गोपाल वर्मा की अगुवाई में राऊ क्षेत्र में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई—
- हनुमान ऑयल मिल
- श्याम ऑयल मिल
- जय श्री नेचुरल प्राइवेट लिमिटेड
- घीया ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड
इन सभी ऑयल मिलों को फायर सेफ्टी नियमों का पालन न करने पर सील कर दिया गया।
इसी क्षेत्र में तेजपुर गांव से 45,000 लीटर अवैध एसिड स्टोरेज मिलने का बड़ा मामला सामने आया।
यह मात्रा किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा थी।
सांवेर में टायर गोदाम बंद
एसडीएम घनश्याम धनगर ने सांवेर के डकाच्या क्षिप्रा में अपोलो टायर गोदाम को सील किया, जहाँ करीब 40,000 टायर बिना किसी भी सुरक्षा व्यवस्था के रखे थे।
टायरों में आग लगने की स्थिति में उसे काबू करना लगभग असंभव हो जाता है।
पालदा में पेंट फैक्ट्री सील
एसडीएम प्रदीप सोनी की टीम ने पालदा क्षेत्र स्थित एस एम पेंट्स को सील किया।
पेंट तथा थिनर जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ के बावजूद फैक्ट्री में फायर अलार्म, हाइड्रेंट, आपात निकास मार्ग कुछ भी नहीं था।
मल्हारगंज: केमिकल से चल रही ब्यूटी प्रोडक्ट यूनिट बंद
एसडीएम निधि वर्मा की टीम ने मल्हारगंज के शांति नगर में रतन ऑर्गेनिक कंपनी को सील किया, जहाँ एथेनॉल का बड़े पैमाने पर प्रयोग हो रहा था।
फैक्ट्री में विस्फोट और आग दोनों का खतरा अत्यधिक था।
कलेक्टर की कड़ी चेतावनी
कार्रवाई के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ संदेश दिया:
“जन सुरक्षा सर्वोपरि है। नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब हर फैक्ट्री और गोदाम में फायर सेफ्टी व्यवस्था होना अनिवार्य है।”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि फैक्ट्री मालिक फायर सेफ्टी उपकरण, फायर ड्रिल, आपातकालीन निकास मार्ग, और अलार्म सिस्टम तुरंत दुरुस्त करें।
निष्कर्ष: इंदौर एक सुरक्षित औद्योगिक शहर की ओर
यह कार्रवाई केवल ताले लगाने या गोदाम सील करने तक सीमित नहीं है।
यह एक संदेश है—
कि इंदौर अब सुरक्षा के साथ समझौता नहीं करेगा।
‘ऑपरेशन क्लीन’ इंदौर को एक जिम्मेदार, सुरक्षित और आधुनिक औद्योगिक शहर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।