भोपाल में 12 साल की बच्ची से रिश्तेदार ने किया दुष्कर्म, काउंसलिंग सत्र में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
भोपाल
राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 12 साल की एक बच्ची के साथ उसके ही रिश्तेदार ने दुष्कर्म किया। मामला तब उजागर हुआ जब बच्ची ने एक एनजीओ की काउंसलिंग सत्र (counselling session) के दौरान यह बात साझा की।

पूरा मामला क्या है?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता मूल रूप से वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की रहने वाली है।
वह अपनी बीमार बड़ी बहन की देखभाल के लिए भोपाल आई थी।
इसी दौरान बड़ी बहन का भांजा, जो घर आता-जाता था, ने बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसे चुप रहने के लिए धमकाने लगा।
बच्ची ने बताया कि आरोपी कहता था, “अगर किसी को बताया तो जान से मार दूंगा।”
इस डर के कारण वह कई दिनों तक चुप रही और किसी से कुछ नहीं कहा।
काउंसलिंग में कैसे खुला राज़?
शहर के एक एनजीओ द्वारा बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में जागरूक किया जा रहा था।
सत्र के दौरान बच्ची असहज हो गई और रोने लगी।
जब काउंसलर ने उससे व्यक्तिगत बातचीत की, तो उसने पूरी घटना बताई।
एनजीओ ने तुरंत बाल कल्याण समिति (CWC) और शाहपुरा थाना पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की कार्रवाई
- शाहपुरा पुलिस ने POCSO एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act) और धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया है।
- आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
- फिलहाल आरोपी फरार है, लेकिन पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
- बच्ची को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उसे मनोवैज्ञानिक सहायता दी जा रही है।
पुलिस और एनजीओ की प्रतिक्रिया
शाहपुरा थाना प्रभारी ने बताया —
“काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने घटना का खुलासा किया। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। बच्ची को सुरक्षित वातावरण में रखा गया है।”
एनजीओ के काउंसलर ने कहा —
“ऐसे मामलों में काउंसलिंग बेहद अहम भूमिका निभाती है। बच्चों को ‘गुड टच-बैड टच’ की जानकारी देना आज के समय की आवश्यकता है।”
यह घटना एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा करती है कि बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को लेकर हम कितने सजग हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर स्कूल और परिवार में बच्चों को यौन शोषण से बचाव के तरीके सिखाना बेहद जरूरी है।
📞 जरूरी हेल्पलाइन
- बाल संरक्षण हेल्पलाइन: 1098
- महिला हेल्पलाइन: 181
- आपातकालीन नंबर: 112