इंदौर मंडी में प्याज भंडारण का संकट: जगह खत्म, दाम गिरे — किसान नुकसान में, प्रशासन परेशान
इंदौर (मध्य प्रदेश)। प्रदेश की सबसे बड़ी चोइथराम मंडी (Chouthram Mandi Indore) इन दिनों प्याज भंडारण के संकट (Onion Crisis in Indore Mandi) से जूझ रही है।
रोजाना 70 से ज्यादा ट्रक प्याज मंडी पहुँच रहे हैं, लेकिन उन्हें रखने की जगह खत्म हो चुकी है।
अत्यधिक आवक के कारण प्याज के दामों में भारी गिरावट आई है, जिससे किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।

📉 मंडी में हालात बिगड़े: ट्रकों की लंबी कतारें, जगह नहीं बची
इंदौर की मंडी में पिछले कुछ दिनों से प्याज की इतनी अधिक मात्रा में आवक हो रही है कि मंडी परिसर में ढेरों की ढेरियाँ लग गई हैं।
कई ट्रक मंडी के अंदर घुस भी नहीं पा रहे हैं, जिसके चलते बाहर सड़कों पर जाम जैसे हालात बन गए हैं।
मंडी प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि—
“अभी कुछ दिनों तक प्याज लेकर न आएं, क्योंकि मंडी में स्टोरेज की क्षमता पूरी तरह भर चुकी है।”
🌧️ प्याज की अधिक आवक के पीछे कारण क्या हैं?
1️⃣ बारिश और सड़ने का डर
हाल ही में हुई मौसमी बारिश (Unseasonal Rain in MP) से किसानों को डर है कि खेतों या गोदामों में रखा प्याज सड़ सकता है।
इस वजह से वे जल्दी से जल्दी प्याज मंडी पहुँचाकर बेच देना चाहते हैं।
2️⃣ पुराना और नया प्याज एक साथ
बारिश के कारण पहले जो प्याज मंडी नहीं आ पाया था, वह अब नए प्याज के साथ एकसाथ आ रहा है, जिससे आवक अचानक बढ़ गई है।
3️⃣ भंडारण की कमी (Lack of Cold Storage)
कई छोटे किसान भंडारण सुविधा न होने के कारण प्याज को अधिक समय तक नहीं रख सकते।
वे मजबूरी में फसल कटते ही उसे कम दामों पर बेचने पर विवश हैं।
4️⃣ मुनाफे की उम्मीद में उल्टा नुकसान
कई किसानों ने प्याज रोककर यह उम्मीद की थी कि आगे दाम बढ़ेंगे, लेकिन बारिश और भीड़ बढ़ने से कीमतें उलटी गिर गईं।
💸 किसानों की हालत खस्ता: कीमतें लुढ़कीं, नुकसान बढ़ा
मंडी में प्याज के दाम पिछले एक हफ्ते में काफी गिरावट दर्ज कर चुके हैं।
- इस हफ्ते प्याज की कीमत ₹12–13 प्रति किलो रही।
- जबकि पिछले हफ्ते यही प्याज ₹14–15 प्रति किलो तक बिक रहा था।
किसानों का कहना है कि उन्हें लागत मूल्य भी नहीं मिल पा रहा।
परिवहन और मजदूरी का खर्च जोड़ने के बाद कई किसान घाटे में चले गए हैं।
🚜 प्रशासन और व्यापारियों की चिंता
मंडी प्रशासन ने कहा है कि जल्द ही अस्थायी गोदाम (Temporary Storage Units) बनाए जाएंगे ताकि प्याज को खराब होने से बचाया जा सके।
वहीं, व्यापारियों का मानना है कि आवक नियंत्रित न हुई तो कीमतें और गिर सकती हैं।
व्यापारी संघ के एक सदस्य ने कहा—
“अभी स्टॉक बहुत ज्यादा है, डिमांड कम है। अगर यह रफ्तार रही तो प्याज के भाव 10 रुपये किलो से भी नीचे जा सकते हैं।”