जबलपुर में दो छात्राओं की रहस्यमय मौत, पिकनिक पर झगड़े की गुत्थी में उलझी पुलिस जांच
जबलपुर (मध्य प्रदेश): शहर को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। केंद्रीय विद्यालय, खमरिया की दो छात्राएं — श्रुति यादव और देवांशी कोरी — मंगलवार को पिकनिक के बहाने निकलीं और बुधवार को उनकी लाशें भदभदा वॉटरफॉल से बरामद हुईं।
यह मामला अब एक साधारण डूबने की घटना नहीं लग रहा, बल्कि इसमें कई रहस्यमय पहलू सामने आ रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे प्रकरण की हर एंगल से जांच में जुट गई है।

घटना की शुरुआत: स्कूल का बहाना, पिकनिक का प्लान और झगड़े की कहानी
मंगलवार सुबह रांझी मानेगांव क्षेत्र की चार सहेलियाँ — श्रुति यादव, देवांशी कोरी, प्रतिज्ञा ठाकुर और आयुषी सोनवाने — घर से स्कूल जाने का बहाना बनाकर निकलीं। उन्होंने अपने परिवार को बताया कि उन्हें स्कूल का प्रोजेक्ट तैयार करना है।
लेकिन सच्चाई यह थी कि ये चारों स्कूल नहीं गईं, बल्कि शहर के चर्चित पिकनिक स्पॉट भदभदा वॉटरफॉल पहुंच गईं।
दोपहर तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में चारों सहेलियों के बीच किसी बात को लेकर बहस और झगड़ा शुरू हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि प्रतिज्ञा और आयुषी वहां से अपनी स्कूटी पर लौट आईं, जबकि श्रुति और देवांशी वहीं रुक गईं।
जब रात तक दोनों घर नहीं लौटीं, तब परिजनों ने रांझी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
शव बरामद: SDRF की टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
बुधवार सुबह पुलिस ने गुमशुदा रिपोर्ट के बाद तेजी से कार्रवाई की।
SDRF (State Disaster Response Force) की टीम को मौके पर बुलाया गया और तलाशी अभियान शुरू हुआ।
करीब सुबह 11:30 बजे, SDRF के गोताखोरों ने पानी में पत्थरों के बीच से श्रुति यादव का शव बरामद किया।
उसके करीब डेढ़ घंटे बाद देवांशी कोरी का शव भी वॉटरफॉल के तल से मिला।
पुलिस ने बताया कि दोनों शवों पर कोई बाहरी चोट नहीं मिली, जिससे शुरुआती जांच में डूबने से मौत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, झगड़े के एंगल को देखते हुए पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
पुलिस जांच: क्या हादसा, आत्महत्या या कुछ और?
जबलपुर पुलिस ने इस घटना को लेकर मर्ग (अप्राकृतिक मृत्यु) दर्ज किया है और अब चार मुख्य बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ रही है:
- क्या यह केवल हादसा था?
संभावना है कि दोनों छात्राएं फोटो खिंचवाते या पानी के पास खेलते समय फिसल गईं और पानी की तेज धारा में बह गईं। - क्या झगड़े की वजह से हादसा हुआ?
सहेलियों के बीच हुए झगड़े के बाद क्या किसी ने धक्का दिया या झगड़े के दौरान संतुलन बिगड़ गया? पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। - अन्य दो सहेलियों की भूमिका क्या है?
क्या प्रतिज्ञा और आयुषी ने दोनों को मुश्किल में छोड़ दिया या जब हादसा हुआ तब वे जा चुकी थीं? पुलिस उनके बयानों को क्रॉस-वेरिफाई कर रही है। - मोबाइल और सोशल मीडिया जांच:
पुलिस ने चारों छात्राओं के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड जब्त किए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।
किशोर मनोविज्ञान और पारिवारिक संवाद पर सवाल
इस घटना ने समाज के सामने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है —
क्या आज के किशोर अपने मानसिक तनाव और आपसी मतभेदों को संभालने में असमर्थ हो रहे हैं?
- माता-पिता की जिम्मेदारी:
अभिभावकों को बच्चों से संवाद बनाए रखना होगा। “कहाँ जा रहे हैं”, “किसके साथ हैं” — ये सवाल नियंत्रण नहीं, बल्कि सुरक्षा का हिस्सा हैं। - सुरक्षा की कमी:
भदभदा वॉटरफॉल जैसे पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा इंतज़ाम बेहद कमजोर हैं। प्रशासन को चेतावनी बोर्ड, रेलिंग और लाइफगार्ड जैसी व्यवस्थाएँ करनी चाहिए। - स्कूलों की भूमिका:
स्कूलों को बच्चों में भावनात्मक जागरूकता और तनाव प्रबंधन (Stress Management) की शिक्षा देनी चाहिए, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।
पुलिस की जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा रहस्य
एसआई मयंक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण स्पष्ट हो जाएगा।
हालांकि, परिजन अब भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि यह केवल एक साधारण हादसा था।
इस घटना ने न केवल जबलपुर बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। दो मासूम जिंदगियों का इस तरह खत्म होना समाज के लिए गंभीर चेतावनी है — कि संवाद, समझ और सुरक्षा की कमी एक पल में जिंदगी बदल सकती है।भदभदा वॉटरफॉल हादसा केवल एक स्थानीय समाचार नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश है।
आज के डिजिटल युग में बच्चों के जीवन में सोशल मीडिया, तनाव और मित्रता की जटिलताएँ तेजी से बढ़ रही हैं।
पुलिस की जांच इस रहस्य को जरूर सुलझाएगी, लेकिन यह घटना हर माता-पिता और स्कूल को यह याद दिलाती है कि बच्चों के साथ विश्वास और सुरक्षा का रिश्ता ही सबसे जरूरी है।